- संकट के समय पुलिस, फायर ब्रिगेड और हॉस्पिटल एवं चिकित्सक के नंबर याद रखे जाने चाहिए। पुलिस की नंबर-100, फायर ब्रिगेड की-101, एंबुलेंस की-102 यदि कोई वारदात होती है तो पुलिस को जानकारी देंगे। यदि आग लगती है तो फायर ब्रिगेड को खबर देंगे। यदि कोई बीमारे है तो डॉक्टर को फ़ोन करेंगे। हम इनसे नम्र स्वभाव में प्रार्थना करते हुए बातें करेंगे। हम उन्हें घर का पता बता देंगे। उनसे शीघ्र आने के लिए कहेंगे। डॉक्टर को मरीज़ की बीमारी के लक्षण बता देंगे ताकि वह आवश्यक दवा साथ ला सके। ऐसा होता तो क्या होता… मास्टर- स्कूल का काम तो पूरा कर लिया है? (मोहन हाँ में सिर हिलाता है।) मोहन- जी, सब काम पूरा कर लिया है। इस स्थिति में नाटक का अंत क्या होता? लिखो। उत्तर- ऐसी स्थिति में मास्टर जी समझ जाते कि सचमुच दर्द है। वह मोहन के माता-पिता को उसका ठीक से इलाज कराने की सलाह देते हैं। भाषा की बात (क) मोहन ने केला और संतरा खाया। (ख) मोहन ने केला और संतरा नहीं खाया। (ग) मोहन ने क्या खाया? मोहन केला और संतरा खाओ। उपर्युक्त वाक्यों में से पहला वाक्य एकांकी से लिया गया है। बाकी तीन वाक्य देखने में पहले वाक्य से मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ अलग-अलग हैं। पहला वाक्य किसी कार्य या बात के होने के बारे में बताता है। इसे विधिवाचक वाक्य कहते हैं। दूसरे वाक्य का संबंध उस कार्य के न होने से है, इसलिए उसे निषेधात्मक वाक्य कहते हैं। (निषेध का अर्थ नहीं या मनाही होता है।) तीसरे वाक्य में इसी बात को प्रश्न के रूप में पूछा जा रहा है, ऐसे वाक्य प्रश्नवाचक कहलाते हैं। चौथे वाक्य में मोहन से उसी कार्य को करने के लिए कहा जा रहा है। इसलिए उसे आदेशवाचक वाक्य कहते हैं। आगे एक वाक्य दिया गया है। इसके बाकी तीन रूप तुम सोचकर लिखो। बताना- रूथ ने कपड़े अलमारी में रखे। नहीं/मना करना : ………. पूछना : ……… आदेश देना : ………. उत्तर- नहीं/मना करना : रुथ ने कपड़े अलमारी में नहीं रखे। पूछना : क्या रुथ ने कपड़े अलमारी में रखे ? आदेश देना : रुथ कपड़े अलमारी में रखो। कुछ और करने के लिए