• दोनों की आयु एक समान थी। (ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने? उत्तर: विद्यार्थी स्वयं करे मिलकर करें मिलान पाठ में से कुछ शब्द चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनसे संबंधित वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर शब्दों का मिलान ‘उपयुक्त वाक्यांशों से कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं। स्तंभ 1 स्तंभ 2 1. सत्र 1. ग्रेगरी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी 1901 से 31 दिसंबर 2000 तक का समय। 2. बोहाग बिहू 2. ‘यूनाइटेड किंगडम’ और ‘इंग्लैंड’ की राजधानी । 3. लंदन 3. ‘यूनाइटेड किंगडम’ देश की एक सरकारी संस्था 4. गुवाहाटी 4. असम में मनाया जाने वाला एक त्योहार। यह असम में नए साल की शुरुआत और बसंत के आगमन का प्रतीक है। 5. ब्रिटिश अकादमी 5. भारत के असम राज्य का एक प्राचीन और सबसे बड़ा नगर है। 6. बीसवीं शताब्दी 6. ये असम के मठ हैं। इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज्यादा है। ये पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के स्थान हैं। सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति इन्हीं सत्रों में हुई है। उत्तर: 1. → 6 2. → 4 3.→ 2 4. → 5 5. → 3 6. → 1 पंक्तियों पर चर्चा पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपनी कक्षा में साझा कीजिए और लिखिए। (क) “असम, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। इसके साथ असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।” उत्तर: असम पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार है। असम राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वनस्पति, चाय के बागानों और समृद्ध नृत्य परंपरा के लिए जाना जाता है। प्रकृति ने असम को मनोहर भव्यता और वन्य जीवों की प्रचुरता का वरदान दिया है। असम के चाय के बागानों में देश के आधे से ज़्यादा चाय का उत्पादन होता है। असम में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहार हैं – बिहू – भोगली – बोहग-बिहू और कोंगाली जिन्हें पूरे असम में धूमधाम से मनाया जाता है। (ख) “पूरी दुनिया की संस्कृतियों में लोग नृत्य और संगीत से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं।” उत्तर: नृत्य और संगीत का संस्कृति से गहरा संबंध होता है। ये जीवन जीने के तरीके हैं। नृत्य और संगीत में संस्कृतियों के समान विविधता है। इन कलाओं का प्रयोग पूरे इतिहास में सुख-दुख, प्रेम और अन्य भावनाओं को व्यक्त करने के लिए होता रहा है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों की विकास यात्रा में नृत्य और संगीत की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। सोच-विचार के लिए निबंध को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए— (क) “एंजेला के मन में कई तरह के विचार चल रहे थे।” उसके मन में कौन-कौन से विचार चल रहे होंगे? उत्तर: मलंग गाँव में उत्सव का माहौल देखकर एंजेला हैरान रह गई थी। उसने इतने लोगों को एक साथ पहले कभी नहीं देखा था। सुंदर पोशाकों में लड़के-लड़कियों का आकर्षक नृत्य देख वह मंत्रमुग्ध थी। उसके मन में भी बसंत के आगमन पर नृत्य करने की इच्छा हुई। एंजेला भारतीय नृत्य परंपरा, मनमोहक संगीत और भारतीय समाज पर इसके प्रभावों पर सोच रही थी । (ख) “बिहू एक कृषि आधारित त्योहार है।” कैसे? उत्तर: असम का बिहू नृत्य ग्रामीण जनजीवन के साथ-साथ फसल लगाने से लेकर बसंत के आगमन तक से जुड़ा हुआ है। भारत में जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा किसानों का है। असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है। सबसे पहले किसान बीज बोते हैं, फिर जब वे धान रोपते हैं और फिर अनाज तैयार हो जाने पर बिहू उत्सव आनंद से मनाया जाता है। (ग) ऐसा लगता है कि भारत से जाने के बाद भी एंजेला के मन में असम ही छाया हुआ था। पाठ इस कथन के समर्थन के लिए कुछ उदाहरण खोजकर लिखिए। उत्तर: लंदन लौटने के बाद भी एंजेला असम राज्य के सत्रिया और बिहू नृत्य से अत्यधिक प्रभावित रही। वह हर पल भारतीय नृत्य का अभ्यास कर रही थी । खाने-पीने, चलने और यहाँ तक कि खेलने के दौरान भी वह नृत्य करती रही। एंजेला ने लंदन में अपने स्कूल की कक्षा में स्वयं किए गए रंग-बिरंगे ‘सत्रिया’ और आनंदित करने वाले ‘बिहू’ नृत्य को वीडियो रिकार्डिंग के साथ प्रदर्शित किया। (घ) समय के बदलने के साथ-साथ सत्रिया नृत्य की परंपरा में क्या बदलाव आया है? उत्तर: सत्रिया नृत्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों में से एक है। ‘सत्रिया’ नाम असम के मठों से आया है। उन्नीसवीं सदी तक सत्रिया नृत्य केवल पुरुष नर्तक ही समर्पित और आध्यात्मिक तरीके से प्रस्तुत करते थे। आगे चलकर सत्रिया नृत्य मठों से बाहर निकला और महिलाएँ भी सत्रिया सीखने लगीं। आधुनिक दौर में महिला सत्रिया कलाकारों के लिए मंच पर नृत्य करना आम बात हो गई है। निबंध की रचना “गुवाहाटी के एक होटल में सामान्य होने के बाद वे उसी शाम पा के एक गाँव मलंग में गए। गाँव पहुँचने पर माँ ने एंजेला को बताया कि बिहू एक कृषि आधारित त्योहार है। असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है।” इन वाक्यों में बिहू और असम का ऐसा रोचक और सरस वर्णन किया गया है कि लगता है मानो हम कोई कहानी पढ़ रहे हैं। इस निबंध में वस्तु, घटना, प्रदेश आदि का वर्णन किया गया है। इसमें जो कुछ भी स्वयं देखा गया है, उसका वर्णन किया गया है। इस प्रकार के निबंधों में घटनाओं का एक क्रम होता है। इनमें आम जीवन की बातें होती हैं। इनकी भाषा सरल होती है। उदाहरण के लिए होली, दीपावली आदि के बारे में बताना। इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और इसकी बनावट पर ध्यान दीजिए। इस पाठ की विशेषताएँ पहचानिए और अपनी कक्षा में साझा कीजिए और लिखिए, जैसे इस पाठ में लंदन से यात्रा शुरू करने से लेकर वापस लंदन पहुँचने तक के अनुभवों का वर्णन किया गया है। उत्तर: निबंध रचना गतिविधि विद्यार्थी स्वयं अभ्यास करेंगे। इसके लिए अपने अध्यापक की सहायता ले सकते हैं। अनुमान या कल्पना से अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए- (क) “बिहू नृत्य और इसके उत्सव से अचंभित एंजेला और उसके परिवार ने इसके साथ-साथ लजीज पकवानों का पूरा आनंद लिया।” एंजेला और उसका परिवार बिहू नृत्य और उसके उत्सव को देखकर अचंभित क्यों हो गया? उत्तर: भारत के असम राज्य के लोक नृत्य ‘बिहू’ त्योहार से संबंधित है। समूह में नाचते स्त्री-पुरुष अत्यंत उत्साहित थे। लड़के वाद्ययंत्र बजा रहे थे और लड़कियों ने लाल और बादामी रंग की डिज़ाइन वाली खूबसूरत पोशाक धारण करी हुई थी। मौज-मस्ती से भरे नृत्य, स्वादिष्ट पकवान और मनोरंजन से भरपूर बिहू उत्सव से एंजेला और उसका परिवार अचंभित था। (ख) “जब तक एंजेला कुछ समझ पाती, तब तक वह लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी की उड़ान पर थी।” एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा ने भारत की यात्रा से पहले कौन-कौन सी तैयारियाँ की होंगी? उत्तर: माँ एलेसेंड्रा के पास एक महीने का वक्त था। उन्होंने स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी होगी और एंजेला के स्कूल से उसकी छुट्टियों की अनुमति ली होगी। उन्होंने यात्रा के लिए जरूरी दस्तावेज़ संभाले होंगे। डॉक्यूमेंट्री से संबंधित उपकरणों और वस्तुओं को ध्यान से पैक किया होगा। इसके अलावा व्यक्तिगत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सामान रखा होगा। माँ ने भारत के असम राज्य में रहने के स्थान और शूटिंग के समय और स्थान की भी उचित जानकारी इकट्ठा की होगी। इससे समय की बचत होती है और डॉक्यूमेंट्री निर्माण भी सुचारू रूप से होने में मदद मिली होगी। (ग) “वहाँ एक बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाया गया था।” बिहू नृत्य के लिए बरगद के पेड़ के नीचे मंच क्यों बनाया गया होगा? उत्तर: हिंदू ग्रंथों में बरगद के पेड़ को पूजनीय माना जाता है। भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से बरगद के पेड़ को पूजा जाता है। यह विशाल वृक्ष होता है और फैलाव के कारण काफ़ी लोग इसके नीचे व आस-पास एकत्रित हो सकते हैं। बिहू नृत्य के लिए बरगद के पेड़ रूपी प्राकृतिक मंच से बेहतर और क्या हो सकता था। साथ ही इस पेड़ का सांस्कृतिक महत्त्व भी है। शब्दों की बात नीचे शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों और मित्रों की सहायता भी ले सकते हैं। असम से जुड़े शब्द इस पाठ में अनेक शब्द ऐसे हैं जो असम से विशेष रूप से जुड़े हैं। अपने समूह में मिलकर उन शब्दों की पहचान कीजिए। इसके बाद उन्हें नीचे दिए गए स्थान पर लिखिए— (संकेत—– असम के नृत्य, त्योहार, भाषा आदि।) तीन बिहू “असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है।” (क) एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा कौन-से बिहू के अवसर पर भारत आए थे? लिखिए। उत्तर: एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा अप्रैल के महीने में भारत पहुँचे थे। यह अवसर रोंगाली या बोहाग का था। इसे बैसाख में मनाया जाता है, जिसमें किसान बीज बोते हैं। (ख) तीनों बिहू के लिए लिखिए कि उस समय किसान खेतों में क्या कर रहे होते हैं? उत्तर: असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है। सबसे पहले किसान बीज बोते हैं और इसे रोंगाली या बोहाग कहते हैं। दूसरी बात धान रोपने पर जिसे भोगाली या माघ कहते हैं। तीसरा, जब खेतों में अनाज तैयार हो जाता है। इसे कार्तिक यानि अक्तूबर से मनाया जाता है और इसे कोंगाली या काटी कहते हैं। पाठ से आगे आपकी बात अपने समूह में चर्चा कीजिए— (क) “रीना आंटी की एक बिटिया थी— अनु” ‘बिटिया’ का अर्थ है ‘बेटी’। बेटी को प्यार से बुलाने के लिए और स्नेह जताने के लिए ‘बिटिया’ शब्द का प्रयोग भी किया जाता है। ‘बिटिया’ जैसा ही एक अन्य शब्द ‘बिट्टो ‘ भी है। आपके घर में आपको प्यार से किन-किन नामों से पुकारा जाता है? (ख) आपके नाम का क्या अर्थ है? आपका नाम किसने रखा? पता करके बताइए। (ग) “वे एक साथ खेल रहे थे” आप कौन-कौन से खेल अपने मित्रों के साथ मिलकर खेलते हैं? बताइए । (घ) “असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।” आपने इस पाठ में बिहू और सत्रिया नृत्यों के बारे में तो पढ़ा है। आपके प्रांत में कौन-कौन से नृत्य प्रसिद्ध हैं? आपको कौन-सा नृत्य करना पसंद हैं? पूर्वोत्तर की यात्रा असम भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है। असम के अतिरिक्त पूर्वोत्तर भारत में सात अन्य राज्य भी हैं। आपको अवसर मिले तो इनमें से किसी राज्य की यात्रा कीजिए। आठ राज्यों के नाम हैं- अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर और असम। मानचित्र के लिए देखें: उत्तर: टाइम मशीन “उसे ऐसा लग रहा था, जैसे वह आश्चर्यजनक रूप से किसी टाइम मशीन में आकर बैठ गई हो!” क्या आपने पहले कभी ‘टाइम मशीन’ का नाम सुना है? टाइम-मशीन ऐसी काल्पनिक मशीन है, जिसमें बैठकर बीते हुए या आने वाले समय की दुनिया में पहुँचा जा सकता है। ‘टाइम-मशीन’ को अभी तक बनाया नहीं जा सका है। लेकिन अनेक लेखकों ने ‘टाइम मशीन’ के बारे में कहानियाँ लिखी हैं, अनेक फ़िल्मकारों ने इसके बारे में फ़िल्में बनाई हैं। (क) यदि आपको टाइम-मशीन मिल जाए तो आप उसमें बैठकर कौन-से समय में और कौन-से स्थान पर जाना चाहेंगे? क्यों? (ख) आपको यदि कोई ऐसी वस्तु बनाने का अवसर मिले जो अभी तक नहीं बनाई गई है तो आप क्या बनाएँगे? क्यों बनाएँगे? (ग) क्या आपने कभी किसी संग्रहालय की यात्रा की है? संग्रहालय ऐसा स्थान होता है जहाँ विभिन्न कालों की प्राचीन वस्तुएँ देखने को मिलती हैं। कभी-कभी संग्रहालय की यात्रा भी ‘टाइम मशीन’ की यात्रा जैसी लगती है। अवसर मिले तो आप भी किसी संग्रहालय की यात्रा अवश्य कीजिए और उसके बारे में कक्षा में बताइए। खिलौने विभिन्न प्रकार के “एंजेला को अनु के खिलौने बहुत अच्छे लगे, जो थोड़े अलग तरह के थे।” (क) अनु के खिलौने कैसे थे? लंदन में एंजेला के खिलौने कैसे रहे होंगे? (ख) आप घर पर कौन-कौन से खिलौनों से खेलते रहे हैं? उनके नाम बताइए। (ग) भारत के प्रत्येक प्रांत में हाथ से बच्चों के अनोखे खिलौने बनाए जाते हैं। आपके यहाँ बच्चों के लिए हाथ से बने कौन-कौन से खिलौने मिलते हैं? (घ) भारत के बच्चे स्वयं भी अपने लिए अनोखे खिलौने बना लेते हैं। आप भी तो कागज़, मिट्टी आदि से कोई न कोई खिलौना बनाना जानते होंगे? आप अपने हाथों से बनाए किसी खिलौने को कक्षा में लाकर दिखाइए और उसे बनाने का तरीका सबको सिखाइए। पत्र (क) मान लीजिए आप एंजेला हैं। आप लंदन लौट चुकी हैं और आपको भारत की बहुत याद आ रही है। अपनी सखी को पत्र लिखकर बताइए अनु कि आपको कैसा अनुभव हो रहा है। (ख) आप जानते होंगे कि पत्र लिखने के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे— पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय लिफाफे आदि डाकघर से खरीदे जा सकते हैं। संभव हो तो आप भी अपने घर के पास के डाकघर में जाइए और एक पोस्टकार्ड खरीदकर पत्र लिखने के लिए उसका उपयोग कीजिए। (ग) क्या आपने कभी डाक टिकट देखा है? संसार के सभी देश डाक टिकट जारी करते हैं। भारत का डाक विभाग भी समय- समय पर डाक-टिकट जारी करता है। डाक टिकट किसी देश की संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं। इसलिए अनेक लोग देश-विदेश के डाक-टिकटों को एकत्रित करना पसंद करते हैं। नीचे भारत के विभिन्न लेखकों के सम्मान में जारी किए गए कुछ डाक–टिकटों के चित्र दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए- (क) आपको इनमें से कौन-सा डाक टिकट सबसे अच्छा लगा और क्यों? (ख) डाक टिकटों पर लेखकों के बारे में कौन-कौन सी जानकारी दी गई है? आज की पहेली आज हम आपके लिए लाए हैं कुछ असमिया पहेलियाँ। हो सकता है इनमें से कुछ पहेलियों को पढ़कर आपको लगे, अरे! ये पहेली तो मेरे घर पर भी बूझी जाती है ! तो कुछ पहेलियाँ आप पहली बार बूझेंगे। तो आइए, आनंद लेते हैं इन रंग-बिरंगी पहेलियों का— झरोखे से “असम, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है।” आपने पढ़ा है कि असम का रेशम (जिसे मूँगा सिल्क भी कहा जाता है) बहुत प्रसिद्ध है। क्या आप जानना चाहते हैं, यह क्या है, कैसे बनता है और क्यों प्रसिद्ध है? हाँ? तो पढ़िए आगे— असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क कुछ वर्ष पूर्व मेरी नियुक्ति गुवाहाटी हवाई अड्डे पर हुई थी। वहाँ पर प्रायः मैं महिलाओं को एक विशेष प्रकार की आकर्षक साड़ी पहने देखता था। यह साड़ी सदैव भूरे-सुनहरे रंग की झिलमिली- सी होती थी। उस पर अधिकतर पारंपरिक ढंग से लाल या काली बार्डर तथा हरे, लाल अथवा पीले रंग से बूटों आदि की कढ़ाई रहती थी। कुछ समय पश्चात जब मैं असम के एक विवाह समारोह में गया, तो वहाँ भी अधिकतर महिलाएँ उसी प्रकार की अन्य चमकीली भूरी-सुनहरी साड़ियाँ पहन कर आई थीं। अनेक पुरुषों ने भी उसी प्रकार के भूरे-सुनहरे रंग के कुर्ते पहने हुए थे। बस केवल रंगों में हल्के या गहरे का अंतर था। मैंने अपने एक असमी मित्र से छ कि यह कैसा भूरा-चमकीला कपड़ा है। मित्र ने बताया कि यह भूरा नहीं बल्कि सुनहरा है। यह असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क है जो सभी प्रकार के रेशमों में सबसे महँगा होता है। मूँगा का असमिया भाषा में अर्थ है पीला या गहरा भूरा। और इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि सम्पूर्ण विश्व में यह केवल असम तथा देश के पूर्वोत्तर राज्यों में ही तैयार होता है। यह असम को प्रकृति द्वारा दिया गया अनमोल और अद्वितीय उपहार है। मित्र ने यह भी बताया कि मूँगा सिल्क की साड़ियों की एक खूबी यह है कि अन्य रेशमी कपड़ों के विपरीत इनको ‘ड्राई क्लीन’ कराने की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि उन्हें घर पर ही धोया जा सकता है। हर धुलाई के बाद इनका निखार बढ़ता ही जाता है। एक साड़ी औसतन 50 वर्ष तक खराब नहीं होती है। ऐसा माना जाता है कि मूँगा रेशम सभी प्रकार के प्राकृतिक रूप से तैयार किए जाने वाले कपड़ों में सबसे मज़बूत होता है। इसके अलावा इसे गर्मी या सर्दी किसी भी मौसम में पहना जा सकता है। असम के लोगों का मानना है कि मूँगा सिल्क के कपड़ों में अनेक औषधीय गुण भी होते हैं। बिमल श्रीवास्तव, स्रोत पत्रिका, अप्रैल 2008 साझी समझ आपको इस लेख में दी गई कौन-सी जानकारी सबसे अच्छी लगी? क्यों? अपने समूह में बताइए । खोजबीन के लिए असम सहित पूर्वोत्तर भारत के बारे में आप और जान सकते हैं और भारत के पारंपरिक लोक संगीत का आनंद भी ले सकते है, जिन्हें इंटरनेट कड़ियों तथा क्यू. आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें- असम-बिहू लोकगीत सत्रिया नृत्य मणिपुरी नृत्य भारत के लोक नृत्य पूर्वोत्तर राज्यों के लोक नृत्य भाषा संगम असमिया मुकोली बिहू NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 8 ऐसे – ऐसे (Old Syllabus) पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास एकांकी से