CBSE Class 7 Hindi Question 4 of 6

Chidiya — Question 4

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4
Question
यदि आप चिड़िया की भाषा समझ सकते तो आप चिड़िया से क्या बातें करते?
Answer

अगर मुझे चिड़िया की भाषा समझने का अवसर मिलता तो मैं चिड़िया से निम्नलिखित बातें करता- तुम्हें आकाश में उड़ना कैसा लगता है? तुम्हें अपना घर पेड़ की डाली पर बनाना कितना अच्छा लगता है? तुम अन्य चिड़ियों के साथ रहती हो, तो क्या तुम सब मिलकर एक-दूसरे की मदद करती हो? क्या तुम्हें लगता है कि तुम स्वतंत्र हो ? मैं ये सब बातें चिड़िया से करता क्योंकि ये सब पूछकर मैं उसकी स्वतंत्रता, स्वच्छंदता तथा उन्मुक्तता के बारे में जानना चाहता हूँ। कविता की रचना “सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” • रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ये शब्द लिखने-बोलने में एक जैसे हैं। इस तरह की शैली प्राय: कविता में आती है। अब आप सब मिल-जुलकर नीचे दी गई कविता को आगे बढ़ाइए- संकेत– सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे सब मिल-जुलकर गाते हैं ……. ……………………………. ……………………………. उत्तर: जीवन साझा जीते हैं वे सुख-दुःख साझा करते हैं। भाषा की बात “पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती है! तुम्हें ज्ञात क्या अपनी बोली में संदेश सुनाती है ?” • रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ‘गाती’ और सुनाती’ रेखांकित शब्दों से चिड़िया के गाने और सुनाने के कार्य का बोध होता है। वे शब्द जिनसे कार्य करने या होने का बोध होता है, उन्हें क्रिया कहते हैं । कविता में ऐसे क्रिया शब्दों को ढूँढकर लिखिए और उनसे नए वाक्य बनाइए । उत्तर: कविता में आए क्रिया शब्द तथा उनसे बने वाक्य निम्नलिखित हैं- सिखलाती (सिखाती) – मेरी माता जी मुझे अच्छी-अच्छी बातें सिखलाती हैं। बतलाती (बताती) – दोनों सखियाँ उस घटना के बारे में बतलाती हैं। खाते हैं – हम सब मिलकर खाना खाते हैं। सो जाते – रात के दस बजे हम सो जाते हैं। भरते हैं – पंप से हवा भरते हैं। उड़ जाती है-हवा चलने पर कपड़े उड़ जाते हैं। पाठ से आगे भावों की बात (क) जब आप नीचे दिए गए दृश्य देखते हैं तो आपको कैसा महसूस होता है? अपने उत्तर के कारण भी सोचिए और बताइए। आप नीचे दिए गए भावों में से शब्द चुन सकते हैं। आप किसी भी दृश्य के लिए एक से अधिक शब्द भी चुन सकते हैं। उत्तर: (विद्यार्थी अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके उपर्युक्त उत्तरों के कारण कक्षा में एक-दूसरे से साझा करें।) (ख) उपर्युक्त भावों में से आप कौन-से भाव कब-कब अनुभव करते हैं? भावों के नाम लिखकर उन स्थितियों के लिए एक-एक वाक्य लिखिए। (संकेत-आत्मविश्वास – जब मैं अकेले पड़ोस की दुकान से कुछ खरीदकर ले आता हूँ।) उत्तर: वीरता – जब किसी को सड़क पर चोट लगी हो और सब चुपचाप देख रहे हों, उस समय उस व्यक्ति की मदद करने के लिए जाता हूँ। करुणा- जब किसी गरीब, असहाय या बीमार व्यक्ति को तकलीफ़ में देखता हूँ। आनंद- जब किसी गरीब की कुछ सहायता करता हूँ। आश्चर्य – जब कोई ऐतिहासिक इमारत को देखता हूँ तो उसकी संरचना को देखकर आश्चर्य होता है। प्रेम – जब अपनी माता जी के साथ बातें करता हूँ । शांति- जब अपनी पंसद का कोई काम करता हूँ, जैसे- चित्र बनाना । 7. डर- जब भूत की कोई फ़िल्म देखता हूँ तब डर का अनुभव होता है। 8. चिंता – जब परीक्षा निकट होती है तो उसकी चिंता सताने लगती है। (विद्यार्थी स्वयं भावों के नाम लिखकर उनसे एक-एक वाक्य बनाएँगे।) आज की पहेली • कविता में आपने कई पक्षियों के नाम पढ़े। अब आपके सामने पक्षियों से जुड़ी कुछ पहेलियाँ दी गई हैं । पक्षियों को पहचानकर सही चित्रों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए- उत्तर: चित्र की बात दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए (पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या – 123 देखें) और बताइए। • आप पक्षियों को इनमें से कहाँ देखना पंसद करेंगे और क्यों? उत्तर: मैं पक्षियों को तीसरे चित्र में देखना पसंद करूँगा क्योंकि पक्षियों को स्वतंत्र और प्राकृतिक वातावरण बेहद पसंद होता है। वहाँ वे बिना किसी डर रह सकते हैं। वे अपनी मर्ज़ी से उड़ सकते हैं, गा सकते है तथा कहीं भी आ-जा सकते हैं। पक्षियों की असली खुशी उनके खुले पंखों में होती है, पिंजरों या ऊँची-ऊँची इमारतों में नहीं । अतः खुले बाग-बगीचे या उपवन ही पक्षियों के रहने के लिए उचित स्थान है। निर्भय विचरण “सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं” ” • कविता की इन पंक्तियों को पढ़िए और दिए गए चित्रों को देखिए (पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या – 123 देखकर) । इन चित्रों को देखकर आपके मन में क्या विचार आ रहे हैं? (संकेत – जैसे इन चित्रों में कौन निर्भय विचरण कर रहा है?) उत्तर: दिए गए चित्रों को देखकर हमारे मन में कई विचार आ रहे हैं; जैसे- पहले चित्र में पशु-पक्षी स्वतंत्र रूप से जंगल में विचरण कर रहे हैं और मनुष्य गाड़ी में बंद होकर उन्हें देख रहे हैं, जबकि दूसरे चित्र में पशु-पक्षी पिंजरों में कैद हैं और मनुष्य स्वतंत्र रूप से घूमकर उन्हें देख रहे हैं। अत: पहला चित्र पशु-पक्षियों की स्वतंत्रता को और दूसरा चित्र उनकी पराधीनता को व्यक्त कर रहा है। यह देखकर हमारे मन में दुख और आक्रोश का भाव उत्पन्न हो रहा है। पशु-पक्षी स्वतंत्र रूप से रहना पसंद करते हैं, उन्हें पिंजरे में कैद करके उनकी स्वतंत्रता समाप्त की जा रही है, जो कि किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। साथ-साथ “वन में जितने पंछी हैं, खंजन, कपोत, चातक, कोकिल; काक, हंस, शुक आदि वास करते सब आपस में हिलमिल!”