CBSE Class 7 Hindi Question 3 of 8

Maa Kah Ek Kahani — Question 3

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Question
कविता के अंत तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे को क्या समझ में आने लगता है? न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए। निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए। आखेटकों का सदैव विरोध करना चाहिए। जानवरों की हर स्थिति में रक्षा करनी चाहिए ।
Answer

न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए । (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग- अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें? उत्तर: कोई भी निर्णय लेते समय यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि क्या सही है क्या गलत। मारने वाले से बचाने वाला सदैव श्रेष्ठ होता है यह समझ विकसित होनी आवश्यक है, इसलिए यह उत्तर चुना। सही होते हुए भी स्वयं को सिद्ध करने के लिए कितने तर्क, वितर्क और संघर्षों का सामना करना पड़ता है यह देखते हुए भी सत्य, दया और करुणा का साथ न छोड़ना और निडर होकर न्याय के पक्ष में डटे रहने के निर्णय के कारण यह उत्तर चुना । जब क्रूरता और दया में से एक को चुनना हो तो स्वाभाविक है कि न्याय दया के पक्ष में जाए। (विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ चर्चा करके बताएँगे कि उनके द्वारा विकल्प चुनने के क्या कारण हैं ।) मिलकर करें मिलान • इस पाठ में आपने माँ और पुत्र के बीच की बातचीत को एक कविता के रूप में पढ़ा है। इस कविता में माँ अपने पुत्र को उसके पिता की एक कहानी सुना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माँ, पुत्र और पिता कौन हैं ? अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और उन्हें पहचानकर सुमेलित कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की उत्तर: 1. – 3 2. – 1 3. – 2 पंक्तियों पर चर्चा पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए- (क) “कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे ? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!” उत्तर: यदि कोई किसी निरपराधी जीव / व्यक्ति को आहत करे, मारे, चोट पहुँचाए तो दूसरों का यह दायित्व है वे उसे बचाएँ । उसकी रक्षा करें। न्याय भी दया का दान देगा और भक्षक के ऊपर रक्षक को ही श्रेष्ठ समझेगा । (ख) “हुआ विवाद सदय – निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी।’ उत्तर: घायल पक्षी पर अधिकार लेने के लिए दयालु सिद्धार्थ और निर्दयी आखेटक के मध्य खूब बहस हुई, तर्क-वितर्क हुए। आखेटक और सिद्धार्थ दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और फिर बात न्यायालय तक जा पहुँची। वहाँ से सभी लोगों को पता चली और चारों ओर चर्चा का विषय बनी। सोच-विचार के लिए कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए- (क) आपके विचार से इस कविता में कौन-सी पंक्ति सबसे महत्वपूर्ण है? आप उसे ही सबसे महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं? उत्तर: “कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे ? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!” संपूर्ण कविता का सार इसी पंक्ति में निहित है। ये पंक्तियाँ दया, प्रेम, न्याय की भावना को व्यक्त करती हैं। यहाँ किसने मारा, किसका अधिकार है, ये सभी प्रश्न गौण हैं। निरपराधी की रक्षा करने, उसे जीवन देने का भाव महत्वपूर्ण है। (ख) आखेटक और बच्चे के पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ था? उत्तर: आखेटक द्वारा पक्षी का शिकार किया जाता है। वह पक्षी घायल होकर उपवन में प्रातः भ्रमण को निकले बच्चे के पिता के पास गिरता है। समीप गिरे हुए पक्षी को लहूलुहान देख बच्चे के पिता उसे उठाकर अपनी गोद में रख लेते हैं। वे उसे बचाना चाहते हैं, उसके जीवन की रक्षा करना चाहते हैं किंतु आखेटक का कहना है कि उसने उस पक्षी का शिकार किया इसलिए उसे वह पक्षी सौंप दिया जाए। बच्चे के पिता इसके लिए तैयार नहीं होते, इस कारण दोनों के बीच तर्क-वितर्क हुआ। (ग) माँ ने पुत्र से ‘राहुल, तू निर्णय कर इसका’ क्यों कहा? उत्तर: माँ अपने पुत्र के विवेक, बुद्धि और संस्कारों की परीक्षा लेना चाहती थीं इसलिए ऐसा कहा । (घ) यदि कहानी में आप उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? आपके अनुसार न्याय कैसे किया जा सकता था ? उत्तर: यदि मैं उपवन में होता / होती तो मैं उसे तुरंत पशु चिकित्सालय ले जाता / जाती और उसे बचाने का हर संभव प्रयास करता/करती, किसी भी कीमत पर आखेटक को नहीं देता/देती। (ङ) कविता में माँ और बेटे के बीच बातचीत से उनके बारे में क्या-क्या पता चलता है? उत्तर: यशोधरा एक आदर्श माँ हैं जो अपने बच्चे को दयालु संस्कारवान और न्यायप्रिय बनाना चाहती हैं। उसमें दया, धर्म, प्रेम के बीज बोकर, उसके पिता के गुणों को विकसित करना चाहती हैं। इसलिए वे उसे प्रेरक कहानी सुनाती हैं। राहुल योग्य सुपुत्र है। वह माँ की शिक्षा को पूरे विवेक और कौशल के साथ सीखता है। (संकेत – कविता पढ़कर आपके मन में माँ-बेटे के बारे में जो चित्र बनता है, जो भाव आते हैं या जो बातें पता चलती हैं, उन्हें भी लिख सकते हैं।) अनुमान और कल्पना से अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए- (क) माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा। यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते ? उत्तर: विद्यार्थी अपनी समझ से चर्चा करेंगे, जैसे- न्याय आखेटक के पक्ष में हुआ, वह पक्षी ले गया अथवा न्याय पिता के पक्ष में हुआ। उनकी सेवा से पक्षी स्वस्थ होकर बगीचे में ही रहने लगा आदि । (ख) मान लीजिए कि कहानी में हंस और तीर चलाने वाले के बीच बातचीत हो रही है। कल्पना से बताइए कि जब उसने हंस को तीर से घायल किया तो उसमें और हंस में क्या-क्या बातचीत हुई होगी? उन्होंने एक-दूसरे को क्या-क्या तर्क दिए होंगे ? उत्तर: आखेटक ने कहा होगा – अहा ! क्या निशाना था मेरा! प्यारे हंस, अब मैं तुम्हें अपने घर ले जाऊँगा । तुम्हारा मांस अत्यंत स्वादिष्ट होगा। हंस ने कहा होगा – हे आखेटक ! मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था? मैं तो यहाँ अपने परिवार के साथ प्रातः बेला का आनंद लेने आया था। मुझे इस हालत में देखकर वे कितने दुखी होंगे, क्या इसका अंदाज़ा है तुमको ? आखेटक ने रौब दिखाते हुए कहा होगा – बेकार की बातें मत करो। शिकार करना मेरा काम है। अपने निशाने पर मुझे गर्व है। मैं तो नित्य ही लक्ष्य साधकर अनेक पक्षियों का शिकार करता हूँ। (ग) मान लीजिए कि माँ ने जो कहानी सुनाई है, आप भी उसके एक पात्र हैं। आप कौन-सा पात्र बनना चाहेंगे? और क्यों? तीर चलाने वाला पक्षी पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति न्यायाधीश कोई अन्य पात्र जो आप कहानी में जोड़ना चाहें उत्तर: मैं घायल पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति बनना चाहूँगा / चाहूँगी क्योंकि मेरी दृष्टि में यही श्रेष्ठ कार्य है। मनुष्य को जीवों पर दया करनी चाहिए। सभी धर्म हमें यही सिखाते हैं। (विद्यार्थी अपनी समझ से उत्तर देंगे ।) संवाद • इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है लेकिन कौन-सा कथन किसने कहा है, यह नहीं बताया गया है। आप कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दिए गए उचित स्थान पर लिखिए । उदाहरण के लिए, माँ और पुत्र का एक-एक कथन दिया गया है। उत्तर: पुत्र द्वारा कहे गए कथन माँ द्वारा कहे गए कथन 1. “ माँ, कह एक कहानी । “ 1. “बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी ?” 2. “कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! कह माँ, कह, लेटी ही लेटी. राजा था या रानी ? राजा था या रानी ? माँ, कह एक कहानी। 2. तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।” 3. “जहाँ सुरभि मनमानी ? हाँ, माँ, यही कहानी । “ 3. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी। “ 4. “लहराता था पानी ? हाँ, हाँ, यही कहानी ।” 4. “ गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी ! “ 5. “हुई पक्ष की हानी ? करुणा- भरी कहानी!” 5. “चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया । इतने में आखेटक आया, लक्ष्य-सिद्धि का मानी । 6. “लक्ष्य-सिद्धि का मानी ? कोमल-कठिन कहानी।” 6. “ माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात किंतु थे रक्षी । तब उसने, जो था खगभक्षी- हठ करने की ठानी।’ 7. “हठ करने की ठानी? अब बढ़ चली कहानी।” 7. ” हुआ विवाद सदय – निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी। “ 8. “सुनी सभी ने जानी ? व्यापक हुई कहानी।” 8. “राहुल, तू निर्णय कर इसका- न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका । सुन लूँ तेरी “बानी।” 9. “माँ, मेरी क्या बानी? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे ? 9. “न्याय दया का दानी ? तूने गुनी कहानी। 10. रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!’ शब्द से जुड़े शब्द • नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए- उत्तर: पंक्ति से पंक्ति • नीचे स्तंभ- 1 और स्तंभ -2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलती-जुलती पंक्तियों को रेखा खींचकर मिलाइए- उत्तर: 1. – 7 2. – 9 3. – 5 4. – 8 5. – 3 6. – 2 7. – 6 8. – 1 9. – 10 10. – 4 कविता की रचना “राजा था या रानी? राजा था या रानी ? माँ, कह एक कहानी।” इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों की तरह इस पूरी कविता में अनेक स्थानों पर कुछ पंक्तियाँ दो बार आई हैं। इस कारण कविता में पाठक को माँ-बेटे की बातचीत और अच्छी तरह समझ में आ जाती है। इससे कविता के सौंदर्य में भी वृद्धि हुई है। आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी (जैसे— कविता में माँ-बेटे का संवाद दिया गया है जिसे ‘संवादात्मक शैली’ कहते हैं; प्रकृति और कार्यों आदि का वर्णन किया गया है जिसे ‘वर्णनात्मक शैली’ कहा जाता है)। (क) इस कविता को एक बार पुनः पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए । अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए । उत्तर: विद्यार्थी समूह में चर्चा करके सूची बनाएँ, जैसे- इस कविता में दया, प्रेम और न्याय का भाव समाहित है। कविता बच्चों में सही और गलत का निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। कविता में ‘जीव – प्रेम और जीव- रक्षा’ का संदेश मुखरित है। अन्याय के विरुद्ध मुखर होकर सामने आने का भाव प्रेरणादायी है। प्रकृति-प्रेम और प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त कविता की भाषा सरल, सहज और लालित्यपूर्ण है। माँ और पुत्र के बीच के संवाद पारिवारिक प्रेम, सौहार्द ममत्व और आदर्श प्रेरक प्रसंगों से युक्त हैं। माँ के द्वारा करुणा, न्याय और निडरता की कहानी सुनाना विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास है। कहानी कहते हुए अप्रत्यक्ष रूप से बच्चों को संस्कारित करना कविता की विशेषता है। कहानी के बीच में बच्चे से प्रश्न पूछकर माँ यह जानना चाहती है कि जिस उद्देश्य से वह कहानी सुनाई जा रही है, वह पूर्ण हुआ या नहीं; यह कविता की एक महत्वपूर्ण और आकर्षक विशेषता है। (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं। उत्तर: 1. – 3, 4 2. – 3, 4, 6 3. – 6 4. – 1, 5 5. – 6 6. – 5 7. – 3 8. – 2, 4 रूप बदलकर “सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, ” कविता की इन पंक्तियों को निम्न प्रकार से बदलकर लिखा जा सकता है— “सुनो! आपके पिता एक उपवन में बहुत सवेरे भ्रमण किया करते थे…. • अब आप भी पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए। उत्तर: पद – “ चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया। अनुच्छेद – उन्होंने चौंककर घायल पक्षी को उठाया। पक्षी ने मानो नया जन्म – सा पा लिया। कविता में विराम चिह्न “माँ, कह एक कहानी।” इस पंक्ति में आपको अनेक विराम चिह्न दिखाई दे रहे हैं, जैसे— अल्प विराम (, ) पूर्ण विराम (।) उद्धरण चिह्न (“ ” ) इस कविता में विराम चिह्नों का बहुत अच्छा प्रयोग किया गया है। विराम चिह्न इस कविता में अनेक कार्य कर रहे हैं, जैसे यह बताना कि कविता पाठ करते समय कहाँ थोड़ा रुकना है (,), कहाँ अधिक रुकना है (।) कौन सी पंक्ति किसने कही है? पुत्र ने या माँ ने (“”) कहाँ प्रश्न पूछा गया है (?) कौन-सी बात आश्चर्य से बोली गई है (!) (क) नीचे कविता का एक अंश बिना विराम चिह्नों के दिया गया है। इसमें उपयुक्त स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए- उत्तर: “राहुल, तू निर्णय कर इसका – न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका । सुन लूँ तेरी बानी।” “माँ, मेरी क्या बानी ? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे ? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!” “न्याय दया का दानी ? तूने गुनी कहानी। (ख) अब विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए कविता को अपने समूह में सुनाइए। उत्तर: कक्षा में विद्यार्थी विभिन्न समूह बनाकर, इस कविता में आए सभी विराम चिह्नों को ध्यान में रखकर समूह में अपनी प्रस्तुति देंगे। पाठ से आगे आपकी बात (क) “सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, ” आप या आपके परिजन भ्रमण के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं ? और क्यों ? उत्तर: विद्यार्थी स्वयं बताएँ; जैसे- पार्क, मॉल, दादा-दादी के घर, किसी पर्यटन स्थल पर आदि । (ख) इस पाठ में एक माँ अपने पुत्र को कहानी सुना रही है। आप किस-किस से कहानी सुनते हैं या थे? आप किसको और कौन- सी कहानी सुनाते हैं? उत्तर: विद्यार्थी स्वयं बताएँ; जैसे- दादी, भैया, मम्मी, दादी, नानी से कहानी सुनते थे। अपने मित्रों, भाई-बहनों को विज्ञान से जुड़ी या सौर मंडल की कहानी या पौराणिक कहानी। (ग) माँ ने कहानी सुनाने के बीच में एक प्रश्न पूछ लिया था । क्या कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है? क्यों ? उत्तर: मेरे अनुसार कहानी सुनाने के बीच प्रश्न पूछना सही है क्योंकि इससे पता चलता है कि सुनने वाला कहानी ध्यान से सुन और समझ रहा है या नहीं। (घ) कविता में बालक अपनी माँ से बार-बार ‘वही’ कहानी सुनने की हठ करता है। क्या आपका भी कभी कोई कहानी बार-बार सुनने का मन करता है? अगर हाँ, तो वह कौन – सी कहानी है और क्यों? उत्तर: विद्यार्थी स्वयं बताएँगे कि कौन-सी कहानी वे बार-बार सुनना चाहते हैं। निर्णय करें “राहुल, तू निर्णय कर इसका – नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। बताइए कि इन स्थितियों में आप क्या करेंगे?