- जी तोड़ काम करना वाक्य- भारतीय श्रमिक जी-तोड़कर काम करते हैं। गम खा जाना वाक्य-भारत के मज़दूर इतने स्वाभिमानी हैं कि वे गम खा जाते हैं , हाय-तौबा नहीं मचाते। ईंट का जवाब पत्थर से देना वाक्य-यह दुनिया उसी को सम्मान देती है जो ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है। दाँतों पसीना आना वाक्य-क्रिकेट के मैदान से कुत्ते को बाहर खदेड़ने में माली को दाँतों पसीना आ गया। कसर उठाना वाक्य-मालिक के कहने पर हम हर काम कर देते हैं। किसी प्रकार की कोई कसर नहीं उठा रखते । पाठेतर सक्रियता
दो बैलों की कथा — प्रेमचंद | विस्तृत अध्ययन सामग्री
लेखक परिचय — प्रेमचंद (1880-1936)
मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव। हिंदी और उर्दू के सर्वश्रेष्ठ कथाकार। "कथा सम्राट" की उपाधि। प्रमुख उपन्यास: गोदान, गबन, निर्मला, रंगभूमि, कर्मभूमि। प्रमुख कहानियाँ: पंच परमेश्वर, ईदगाह, नमक का दारोगा, पूस की रात। ग्रामीण जीवन, किसानों की पीड़ा, सामाजिक विषमता उनके प्रिय विषय।
विस्तृत कथा विश्लेषण
झूरी काछी के दो बैल हैं — हीरा और मोती। दोनों सगे भाइयों की तरह हैं। हीरा बुद्धिमान है, मोती बलवान। झूरी उन्हें प्रेम से रखता है। एक दिन झूरी की ससुराल से गया आता है और बैलों को ले जाता है।
गया के यहाँ बैलों को भूखा रखा जाता है, मारा-पीटा जाता है। बैल रात में रस्सी तोड़कर भागते हैं और झूरी के पास लौट आते हैं। लेकिन झूरी की पत्नी उन्हें वापस भेज देती है।
गया के यहाँ फिर दुर्व्यवहार। बैल फिर भागते हैं — इस बार रास्ता भूल जाते हैं। खेतों में फसल खाते पकड़े जाते हैं। काँजीहाउस में बंद किए जाते हैं। वहाँ अन्य पशु भी बंद हैं — भूखे, प्यासे।
मोती अपने बल से काँजीहाउस की दीवार तोड़ देता है। सभी पशु भाग निकलते हैं। हीरा-मोती भी भागते हैं और अंततः झूरी के पास पहुँचते हैं। झूरी उन्हें गले लगाता है।
प्रतीकात्मक विश्लेषण
| प्रतीक | अर्थ |
|---|---|
| हीरा-मोती | भारतीय जनता (बुद्धि + बल) |
| झूरी | स्वतंत्र/अच्छा शासन |
| गया | अंग्रेज़ी/अत्याचारी शासन |
| काँजीहाउस | जेल/गुलामी |
| दीवार तोड़ना | स्वतंत्रता संग्राम |
| वापस लौटना | स्वतंत्रता प्राप्ति |
आदर्श उत्तर — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
उत्तर: प्रेमचंद ने "दो बैलों की कथा" में हीरा और मोती नामक दो बैलों के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व को बहुत प्रभावी ढंग से दर्शाया है। बैल अपने प्रिय मालिक झूरी से दूर गया के यहाँ भेजे जाते हैं जहाँ उनके साथ दुर्व्यवहार होता है। वे बार-बार भागकर स्वतंत्रता पाने का प्रयास करते हैं। काँजीहाउस में बंद होने पर भी वे हार नहीं मानते और दीवार तोड़कर न केवल स्वयं बल्कि अन्य पशुओं को भी मुक्त कराते हैं। यह कहानी वास्तव में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का रूपक है। हीरा (बुद्धि) और मोती (बल) मिलकर अत्याचारी शासन (गया) से मुक्ति पाते हैं। प्रेमचंद का संदेश है कि स्वतंत्रता प्रत्येक प्राणी का मूल अधिकार है और इसके लिए संघर्ष करना उचित है।