CBSE Class 9 Hindi Question 14 of 20

Do Bailon Ki Katha — Question 14

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Question
रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए तथा उपवाक्य छाँटकर उसके भी भेद लिखिए- (क) दीवार का गिरना था कि अधमरे-से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे। (ख) सहसा एक दढ़ियल आदमी, जिसकी आँखे लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर, आया। (ग) हीरा ने कहा-गया के घर से नाहक भागे। (घ) मैं बेचूंगा, तो बिकेंगे। (ङ) अगर वह मुझे पकड़ता तो मैं बे-मारे न छोड़ता।
Answer

- (क) वाक्य भेद – मिश्र वाक्य। उपवाक्य – अधमरे से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे। भेद – संज्ञा उपवाक्य (ख) वाक्य भेद – मिश्रवाक्य। उपवाक्य – जिसकी आँखें लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर। भेद – विशेषण उपवाक्य। (ग) वाक्य भेद – मिश्रवाक्य। उपवाक्य – गया के घर से नाहक भागे। भेद – संज्ञा उपवाक्य। (घ) वाक्यभेद – मिश्रवाक्य। उपवाक्य – तो बिकेंगे। भेद – क्रियाविशेषण उपवाक्य। (ङ) वाक्य भेद – मिश्रवाक्य। उपवाक्य – तो बे मारे ने छोड़ता। भेद – क्रियाविशेषण उपवाक्य।

दो बैलों की कथा — विस्तृत अध्ययन | Bright Tutorials
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हिंदी | क्षितिज — दो बैलों की कथा (विस्तृत) विस्तृत अध्ययन सामग्री

दो बैलों की कथा — प्रेमचंद | विस्तृत अध्ययन सामग्री

लेखक परिचय — प्रेमचंद (1880-1936)

मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव। हिंदी और उर्दू के सर्वश्रेष्ठ कथाकार। "कथा सम्राट" की उपाधि। प्रमुख उपन्यास: गोदान, गबन, निर्मला, रंगभूमि, कर्मभूमि। प्रमुख कहानियाँ: पंच परमेश्वर, ईदगाह, नमक का दारोगा, पूस की रात। ग्रामीण जीवन, किसानों की पीड़ा, सामाजिक विषमता उनके प्रिय विषय।

विस्तृत कथा विश्लेषण

झूरी काछी के दो बैल हैं — हीरा और मोती। दोनों सगे भाइयों की तरह हैं। हीरा बुद्धिमान है, मोती बलवान। झूरी उन्हें प्रेम से रखता है। एक दिन झूरी की ससुराल से गया आता है और बैलों को ले जाता है।

गया के यहाँ बैलों को भूखा रखा जाता है, मारा-पीटा जाता है। बैल रात में रस्सी तोड़कर भागते हैं और झूरी के पास लौट आते हैं। लेकिन झूरी की पत्नी उन्हें वापस भेज देती है।

गया के यहाँ फिर दुर्व्यवहार। बैल फिर भागते हैं — इस बार रास्ता भूल जाते हैं। खेतों में फसल खाते पकड़े जाते हैं। काँजीहाउस में बंद किए जाते हैं। वहाँ अन्य पशु भी बंद हैं — भूखे, प्यासे।

मोती अपने बल से काँजीहाउस की दीवार तोड़ देता है। सभी पशु भाग निकलते हैं। हीरा-मोती भी भागते हैं और अंततः झूरी के पास पहुँचते हैं। झूरी उन्हें गले लगाता है।

प्रतीकात्मक विश्लेषण

प्रतीकअर्थ
हीरा-मोतीभारतीय जनता (बुद्धि + बल)
झूरीस्वतंत्र/अच्छा शासन
गयाअंग्रेज़ी/अत्याचारी शासन
काँजीहाउसजेल/गुलामी
दीवार तोड़नास्वतंत्रता संग्राम
वापस लौटनास्वतंत्रता प्राप्ति

आदर्श उत्तर — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न: "दो बैलों की कथा" में प्रेमचंद ने स्वतंत्रता के महत्व को कैसे दर्शाया है?

उत्तर: प्रेमचंद ने "दो बैलों की कथा" में हीरा और मोती नामक दो बैलों के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व को बहुत प्रभावी ढंग से दर्शाया है। बैल अपने प्रिय मालिक झूरी से दूर गया के यहाँ भेजे जाते हैं जहाँ उनके साथ दुर्व्यवहार होता है। वे बार-बार भागकर स्वतंत्रता पाने का प्रयास करते हैं। काँजीहाउस में बंद होने पर भी वे हार नहीं मानते और दीवार तोड़कर न केवल स्वयं बल्कि अन्य पशुओं को भी मुक्त कराते हैं। यह कहानी वास्तव में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का रूपक है। हीरा (बुद्धि) और मोती (बल) मिलकर अत्याचारी शासन (गया) से मुक्ति पाते हैं। प्रेमचंद का संदेश है कि स्वतंत्रता प्रत्येक प्राणी का मूल अधिकार है और इसके लिए संघर्ष करना उचित है।